एक्स-रे ट्यूब का प्राथमिक कार्य इमेजिंग के लिए एक्स-रे बनाना है, लेकिन इस प्रक्रिया में 99% इलेक्ट्रिकल एनर्जी अत्यधिक गर्मी (Heat) में बदल जाती है और केवल 1% से भी कम ऊर्जा एक्स-रे फोटॉन्स में बदलती है। इतने भारी तापमान (जो 2,000°C से भी अधिक हो सकता है) और हाई-वोल्टेज (25 से 150 kV) को संभालने के लिए एक्स-रे ट्यूब में प्रोटेक्टिव हाउसिंग (Protective Housing) और कूलिंग सिस्टम (Cooling System) का उपयोग किया जाता है।

1. प्रोटेक्टिव हाउसिंग के मुख्य कार्य (Role of Protective Housing)
प्रोटेक्टिव हाउसिंग कास्ट एल्युमीनियम या स्टील की बनी एक मजबूत बाहरी बॉडी होती है, जिसके अंदर सीसा (Lead) लगा होता है। इसके तीन मुख्य काम हैं:
- रेडिएशन से सुरक्षा (Radiation Containment): एक्स-रे सभी दिशाओं में बनते हैं। सिर्फ मुख्य बीम को ही ‘पोर्ट/विंडो’ से बाहर निकाला जाता है। बाकी बची हुई अनावश्यक रेडिएशन (Leakage Radiation) को रोकने के लिए हाउसिंग के अंदर 2mm सीसे (Lead) की परत लगी होती है, ताकि मरीज और ऑपरेटर को अतिरिक्त रेडिएशन न लगे।
- इलेक्ट्रिकल इंसुलेशन (High-Voltage Safety): एक्स-रे ट्यूब को चलाने के लिए बहुत अधिक वोल्टेज की आवश्यकता होती है। इतने हाई-वोल्टेज पर हवा में स्पार्किंग (Arcing) हो सकती है। इससे बचाने के लिए हाउसिंग के अंदर एक खास ऑयल (Dielectric Oil) भरा जाता है जो बिजली के झटकों और स्पार्किंग को रोकता है।
- मजबूती और सुरक्षा (Mechanical Support): यह अंदर की कांच या धातु की नाजुक वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Envelope) को बाहरी झटकों और कंपन से सुरक्षित रखता है।
2. कूलिंग सिस्टम और हीट मैनेजमेंट (Thermal Management)
गर्मी को तीन स्तरों पर बाहर निकाला जाता है:
स्तर 1: एनोड (Anode) पर गर्मी को नियंत्रित करना
- रोटेटिंग एनोड (Rotating Anode): एनोड डिस्क तेजी से (3,000 से 10,000 RPM पर) घूमती है, जिससे इलेक्ट्रॉनों की मार एक ही जगह पर पड़ने के बजाय बड़े हिस्से में फैल जाती है और एनोड पिघलने से बच जाता है।
- टंगस्टन और ग्रेफाइट (Materials): एनोड टंगस्टन, मोलिब्डेनम और ग्रेफाइट से बना होता है जो बहुत अधिक तापमान को सह सकते हैं और गर्मी को सोख लेते हैं।
- मोलिब्डेनम स्टेम (Molybdenum Stem): एनोड की पतली डंडी मोलिब्डेनम की होती है जो गर्मी को मोटर के बेयरिंग तक जाने से रोकती है।
स्तर 2: वैक्यूम से हाउसिंग तक गर्मी ट्रांसफर
- एनोड की अत्यधिक गर्मी थर्मल रेडिएशन (Infrared Radiation) के रूप में वैक्यूम को पार करके बाहर की कांच/धातु की दीवार तक पहुंचती है।
स्तर 3: तेल और पंखे द्वारा बाहरी कूलिंग
- डायइलेक्ट्रिक ऑयल बाथ (Dielectric Oil Bath): ट्यूब के चारों ओर भरा तेल वैक्यूम कांच की सतह से गर्मी सोखता है। गर्म तेल ऊपर उठता है और ठंडा तेल नीचे जाता है (Convection)।
- ऑयल पंप और हीट एक्सचेंजर (Radiator & Fans): बड़े एक्स-रे और CT स्कैनर सिस्टम में एक पंप गर्म तेल को बाहर खींचे गए रेडिएटर में भेजता है, जहाँ कूलिंग फैन (Cooling Fans) हवा फेंककर तेल को ठंडा करते हैं।
- थर्मल स्विच (Safety Switch): अगर तेल बहुत ज्यादा गर्म (75°C-80°C से ऊपर) हो जाता है, तो तेल फैलकर एक थर्मल माइक्रोस्विच को दबा देता है, जिससे मशीन अपने आप बंद हो जाती है और जलने से बच जाती है।
संक्षेप (Summary Table)
| भाग (Component) | सामग्री (Material) | मुख्य कार्य (Primary Function) |
|---|---|---|
| लीड शील्डिंग (Lead Shielding) | 2mm सीसा (Lead) | लीक हो रही अतिरिक्त रेडिएशन को बाहर जाने से रोकता है। |
| डायइलेक्ट्रिक ऑयल (Dielectric Oil) | मिनरल ऑयल (Mineral Oil) | हाई-वोल्टेज स्पार्किंग को रोकता है और गर्मी को सोखता है। |
| रोटेटिंग एनोड (Rotating Anode) | टंगस्टन / ग्रेफाइट | 2,000°C तक की गर्मी को सहता है और फैलाता है। |
| हीट एक्सचेंजर व फैन (Cooling Fan) | एल्युमीनियम/कॉपर रेडिएटर | तेल की गर्मी को बाहर कमरे की हवा में छोड़ता है। |
| थर्मल स्विच (Thermal Switch) | सेफ्टी इंटरलॉक | अत्यधिक गर्म होने पर ट्यूब की पावर सप्लाई बंद कर देता है। |
