ऑफ-फोकस रेडिएशन (Off-Focus Radiation), जिसे एक्स्ट्राफोकल रेडिएशन (Extrafocal Radiation) भी कहा जाता है, एक्स-रे ट्यूब में उत्पन्न होने वाली वह अवांछित विकिरण है जो एनोड के मुख्य फोकल स्पॉट (Focal Spot) के बाहर पैदा होती है।
आदर्श स्थिति में सभी इलेक्ट्रॉनों को केवल फोकल स्पॉट से टकराना चाहिए, लेकिन कुछ इलेक्ट्रॉन टकराकर वापस छिटक जाते हैं और एनोड डिस्क या स्टेम के अन्य हिस्सों पर टकराकर यह अतिरिक्त एक्स-रे बनाते हैं।
1. यह क्यों होता है? (Physical Mechanism)
- इलेक्ट्रॉन का छिटकना (Scatter): जब कैथोड से आने वाले उच्च-गति इलेक्ट्रॉन एनोड के फोकल स्पॉट से टकराते हैं, तो कुछ इलेक्ट्रॉन बिना पूरी ऊर्जा खोए वापस वैक्यूम स्पेस (Glass Envelope) में छिटक जाते हैं।
- पुनः एनोड की तरफ खिंचाव: एनोड पर पॉजिटिव चार्ज (+) होने के कारण ये छिटके हुए इलेक्ट्रॉन वापस एनोड डिस्क या उसकी डंडी (Stem) की तरफ आकर्षित होते हैं।
- अवांछित एक्स-रे का निर्माण: जब ये इलेक्ट्रॉन फोकल स्पॉट के बाहर किसी अन्य धातु से टकराते हैं, तो Off-Focus X-ray Photons उत्पन्न होते हैं।
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ग्लास / मेटल वैक्यूम एनवेलप
कैथोड (-) एनोड (+)
+---------------+ +---------------+
| | प्राइमरी इलेक्ट्रॉन बीम | |
| फोकसिंग कप |=========================================>| फोकल स्पॉट |
| | | (Primary Rays)|
+---------------+ +-------+-------+
| |
| <-- छिटके हुए इलेक्ट्रॉन (Scatter) -- |
+----------------------------------------------------------+
|
v
फोकल स्पॉट के बाहर एनोड पर टकराव
|
v
ऑफ-फोकस रेडिएशन का निर्माण
2. इसके नुकसान (Technical & Clinical Impacts)
बिना शील्ड वाली एक्स-रे ट्यूब में कुल बीम का लगभग 10% से 15% हिस्सा ऑफ-फोकस रेडिएशन का होता है। इसके मुख्य नुकसान निम्न हैं:
- इमेज कॉन्ट्रास्ट और शार्पनेस में कमी: ये एक्स-रे बीम से अलग-अलग चौड़े कोणों (Angles) पर बाहर निकलते हैं, जिससे इमेज पर धुंधलापन (Radiation Fog) छा जाता है और छोटी संरचनाएं साफ़ नहीं दिखतीं।
- घोस्टिंग आर्टिफैक्ट (Ghosting Artifact): एक्स-रे फिल्म पर मुख्य बॉडी पार्ट के बाहर भी हल्की परछाई या डबल बॉर्डर (Ghost Image) दिखाई देने लगती है।
- मरीज को अतिरिक्त रेडिएशन: मरीज के जिस हिस्से का एक्स-रे नहीं करना होता है, वहाँ भी अवांछित विकिरण पहुँच जाती है।
3. इसे रोकने के उपाय (Engineering Solutions)
आधुनिक एक्स-रे ट्यूब और कोलीमेटर (Collimator) में इसे रोकने के लिए विशेष डिज़ाइन बनाए जाते हैं:
ऑफ-फोकस रेडिएशन आरेख
========================================================================================
ग्लास वैक्यूम एनवेलप
+----------------------------+
| |
कैथोड असेंबली | घूमने वाला एनोड |
+------------------+ | टारगेट |
| | | +--------+ |
| फिलामेंट कॉइल | | / / |
| |========|======/ प्राथमिक/==========|===== रोटर शाफ्ट
| फोकसिंग कप | | / फोकल स्पॉट/ |
+------------------+ | / टारगेट / |
| | +---------+ |
| प्राथमिक बीम | | | अनपेक्षित |
|===============> |=======| | प्रभाव |
| | | v |
| | प्राथमिक ऑफ-फोकस |
| | फोटॉन्स एक्स-रे |
| +-------|-------|------------+
| | |
v | |
छिटके इलेक्ट्रॉन v v
---------------------------------------------------------------------------------
फिक्स्ड लेड डायाफ्राम (Lead Diaphragm)
---------------------------------------------------------------------------------
| |
v X (लेड शील्ड द्वारा सोख लिया गया)
केवल प्राथमिक बीम
|
v
एडजस्टेबल कोलीमेटर
|
v
मरीज / इमेज डिटेक्टर
- फिक्स्ड लेड डायाफ्राम (Fixed Lead Diaphragm): एक्स-रे ट्यूब के पोर्ट (Window) के ठीक नीचे सीसे (Lead) की प्लेट लगाई जाती है, जो ट्यूब से बाहर निकलने वाली चौड़े कोण की ऑफ-फोकस किरणों को सोख लेती है।
- मेटल-एनवेलप ट्यूब (Metal-Envelope Tubes): कांच की जगह धातु के आवरण वाली ट्यूब का उपयोग किया जाता है। धातु की दीवारें छिटके हुए इलेक्ट्रॉनों को सोखकर अर्थ (Ground) कर देती हैं, जिससे वे वापस एनोड से नहीं टकराते।
- टू-स्टेज कोलीमेटर (First-Stage Collimator Shutter): ट्यूब के ठीक नीचे का पहला शटर ऑफ-फोकस रेडिएशन को काट देता है।
4. मुख्य अंतर (Summary Table)
| विशेषता | प्राथमिक रेडिएशन (Primary) | ऑफ-फोकस रेडिएशन (Off-Focus) |
|---|---|---|
| उत्पत्ति स्थान | एनोड का मुख्य फोकल स्पॉट | एनोड डिस्क, स्टेम या रोटर का अन्य हिस्सा |
| इलेक्ट्रॉन स्रोत | कैथोड फिलामेंट से सीधे आने वाले इलेक्ट्रॉन | टकराकर छिटके हुए (Scatter) इलेक्ट्रॉन |
| दिशा | सीधी और निश्चित दिशा (Collimated) | चौड़े और अनिश्चित कोण (Divergent) |
| क्लीनिकल असर | सही और स्पष्ट इमेज बनाता है | इमेज में धुंधलापन लाता है और डोज बढ़ाता है |
| रोकने का तरीका | कोलीमेटर और ग्रिड द्वारा | लेड डायाफ्राम और मेटल एनवेलप द्वारा |
संक्षेप
ऑफ-फोकस रेडिएशन एनोड पर इलेक्ट्रॉनों के छिटकने से पैदा होने वाली अवांछित किरणें हैं। यह इमेज की क्वालिटी खराब करती हैं और मरीज की रेडिएशन डोज बढ़ाती हैं। इसे रोकने के लिए modern x-ray machines में लेड डायाफ्राम (Lead Diaphragm) और मेटल एनवेलप ट्यूब का उपयोग किया जाता है।
