स्टडी नोट्स: एक्स-रे ट्यूब में रोटर और स्टेटर असेंबली

1. सामान्य परिचय और उद्देश्य (Overview & Purpose)

  • मुख्य कार्य: रोटर और स्टेटर असेंबली एक इंडक्शन मोटर (Induction Motor) की तरह काम करती है, जो एनोड टारगेट को उच्च गति (3,000 RPM से 10,000 RPM) पर घुमाती है।
  • हल की जाने वाली मुख्य समस्या: एक्स-रे उत्पादन के दौरान इलेक्ट्रॉनों की 99% से अधिक गतिज ऊर्जा गर्मी (Heat) में बदल जाती है। एनोड को घुमाने से यह अत्यधिक तापीय भार एक निरंतर ट्रैक पर फैल जाता है, जिससे एनोड टारगेट पिघलने से बच जाता है।
  • वैक्यूम दीवार की बाधा: चूंकि एक्स-रे ट्यूब के भीतर उच्च वैक्यूम (10−6 Torr) बनाए रखा जाता है, इसलिए कोई भी फिजिकल ड्राइव शाफ्ट या गियर ट्यूब की दीवार के पार नहीं जा सकता।

2. कार्य सिद्धांत: इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन (Operating Principle)

  • यह फैराडे और लेंज के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन के नियमों पर आधारित है।
  • स्टेटर (Primary Winding): वैक्यूम ट्यूब के बाहर स्थित होता है; यह एक घूमता हुआ चुंबकीय क्षेत्र (Rotating Magnetic Field) उत्पन्न करने के लिए मल्टी-फेस अल्टरनेटिंग करंट (AC) प्राप्त करता है।
  • रोटर (Secondary Winding): वैक्यूम ट्यूब के अंदर स्थित होता है; घूमता हुआ चुंबकीय क्षेत्र रोटर के भीतर एडी करंट (Eddy Currents) प्रेरित करता है।
  • टॉर्क का निर्माण: प्रेरित एडी करंट रोटर के अंदर एक विपरीत चुंबकीय क्षेत्र बनाते हैं, जो बिना किसी भौतिक संपर्क के वैक्यूम बाधा के पार यांत्रिक घूर्णन (Mechanical Rotation) उत्पन्न करता है।

3. मुख्य भाग और संरचना (Key Components)

A. स्टेटर असेंबली (बाहरी भाग / External)

  • काँच/धातु की गर्दन के बाहर स्थित विद्युत चुंबकों (इंसुलेटेड तांबे की वाइंडिंग और सॉफ्ट-आयरन फ्रेम) की एक रिंग।
  • यह लगातार बदलते चुंबकीय वेक्टर को बनाने के लिए 2-फेस या 3-फेस AC सप्लाई द्वारा संचालित होता है।
  • ऊष्मा विसर्जन के लिए यह ट्यूब हाउसिंग के अंदर डाई-इलेक्ट्रिक ऑयल बाथ (Dielectric Oil Bath) में डूबा रहता है।

B. रोटर असेंबली (आंतरिक भाग / Internal)

  • सॉफ्ट-आयरन कोर में लगी तांबे (Copper) की छड़ों से बनी बेलनाकार संरचना।
    • लोहा (Iron): चुंबकीय प्रवाह (Magnetic Flux) की रेखाओं को केंद्रित करता है।
    • तांबा (Copper): प्रेरित एडी करंट के लिए कम-प्रतिरोध मार्ग प्रदान करता है।
  • यह एक पतले मोलिब्डेनम स्टेम (Molybdenum Stem) के माध्यम से एनोड टारगेट से जुड़ा होता है, जो एनोड की अत्यधिक गर्मी (>1,000∘C) से आंतरिक पुर्जों को बचाने के लिए एक थर्मल बैरियर की तरह काम करता है।

C. बेयरिंग सिस्टम और लुब्रिकेशन

  • वैक्यूम के अंदर सामान्य तेल या ग्रीस का उपयोग नहीं किया जा सकता (यह वाष्पित होकर वैक्यूम को खराब कर देगा और स्पार्किंग पैदा करेगा)।
  • सॉलिड मेटैलिक लुब्रिकेशन: स्टील बॉल बेयरिंग पर चांदी (Silver), सीसा (Lead), या सोने (Gold) जैसी नरम धातुओं की एक बहुत पतली परत चढ़ाई (Electroplate) जाती है, जो वैक्यूम में सॉलिड लुब्रिकेंट का काम करती है।

4. संचालन के चरण (Operating Stages)

स्टैंडबाई स्थिति ──> प्रेप / रैम्प-अप ──> एक्सपोज़र चरण ──> डायनेमिक ब्रेकिंग
 (Idle State)     (3k-10k RPM स्पीड)  (हाई वोल्टेज ऑन)    (विपरीत फ़ील्ड से रोकना)
  1. स्टैंडबाई स्थिति: बेयरिंग के घिसाव को कम करने के लिए एनोड स्थिर रहता है या बहुत कम गति पर घूमता रहता है।
  2. प्रेप / रैम्प-अप: “Prep” बटन दबाने पर स्टेटर चालू हो जाता है, जिससे रोटर 1 से 2 सेकंड के भीतर अपनी कार्य गति (3,000−10,000 RPM) पर पहुँच जाता है।
  3. एक्सपोज़र चरण: हाई वोल्टेज (kVp) लागू किया जाता है; इलेक्ट्रॉन घूमते हुए टारगेट ट्रैक से टकराते हैं।
  4. डायनेमिक ब्रेकिंग: बेयरिंग को फालतू के घिसाव से बचाने के लिए स्टेटर के चुंबकीय क्षेत्र को कुछ समय के लिए उल्टा कर दिया जाता है, जिससे रोटर तुरंत रुक जाता है।

5. उन्नत तकनीक: लिक्विड मेटल बेयरिंग (Liquid Metal Bearings – LMBs)

  • उपयोग: सीटी स्कैनर्स (CT Scanners) और इंटरवेंशनल एंजियोग्राफी जैसे हाई-स्पीड सिस्टम में।
  • लुब्रिकेंट: GalInstan (गैलियम, इंडियम और टिन का एक गैर-विषैला तरल धातु मिश्र धातु)।
  • बॉल बेयरिंग की तुलना में फायदे:
    • सीधा तापीय चालन: यह एक सीधा धातु तापीय मार्ग प्रदान करता है, जो गर्मी को 10 गुना तेज़ी से बाहर निकालता है।
    • यांत्रिक घर्षण का अंत: रोटर को केंद्रित रखने के लिए स्पाइरल ग्रूव्स का उपयोग करता है, जिससे शोर और बेयरिंग का घिसना लगभग खत्म हो जाता है।

6. मुख्य कमियाँ और खराबी के कारण (Common Failure Modes)

खराबी का प्रकारमूल कारणक्लिनिकल प्रभाव
बेयरिंग का घिसनासमय के साथ चांदी या सीसे की परत का कम होना/खराब होना।रोटर चालू होते समय तेज पीसने/घिसने की आवाज आना; धीमी स्पीड।
रोटर का जाम होना (Seizure)एनोड से अत्यधिक गर्मी ट्रांसफर होने के कारण बेयरिंग का फैलना या वेल्ड हो जाना।एनोड घूमना बंद कर देता है; इलेक्ट्रॉन बीम एनोड ट्रैक में छेद या गड्ढा बना देती है।
स्टेटर वाइंडिंग फेलियरबाहरी स्टेटर कॉइल में शॉर्ट सर्किट या ओपन सर्किट होना।“Prep” दबाने पर भी रोटर नहीं घूमता; सुरक्षा इंटरलॉक एक्सपोज़र को रोक देते हैं।
एनोड का असंतुलनएनोड की सतह पर गड्ढे पड़ने से उसका संतुलन बिगड़ जाना।तेज कंपन (Vibration), जिससे इमेज धुंधली (Geometric Unsharpness) हो जाती है।

By abhi

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